तंत्रकुलपञ्चाङ्ग

तंत्रकुलपञ्चाङ्गकर्ता — आचार्य राजेश बेंजवाल
तंत्रगुरुकुल देहरादून, उत्तराखण्ड
Date and Location

Date: Saturday, 2026-3-14

Time: 05:06:00 AM

Location: 30.3165°N, 78.0322°E, 600m (Dehradun)

सम्वत्सर

नाम: सिद्धार्थी

विक्रम सम्वत्: 2082

शक सम्वत्: 1947

कलि सम्वत्: 5126

सम्वत्सर विवरण

विक्रम सम्वत्: 2082

शक सम्वत्: 1947

युधिष्ठिर सम्वत्: 5165 Alpha

परशुराम सम्वत्: 8203 Alpha

कलि सम्वत्: 5126

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 2026-03-20

तिथि

उदयकालिक: दशमी (पूर्णा तिथि)

पूर्णता: 93.29%

परिवर्तन:
  • दशमी → एकादशी 08:11 IST
नक्षत्र

वर्तमान: श्रवण

पाद: 1

परिवर्तन:
  • उत्तराषाढा → श्रवण 04:49 IST
योग

उदयकालिक: वरीयान्

पूर्णता: 82.39%

परिवर्तन:
  • वरीयान् → परिघ 10:42 IST
करण

उदयकालिक: विष्टि

पूर्णता: 86.57%

परिवर्तन:
  • विष्टि → बव 08:11 IST
  • बव → बालव 20:49 IST
चान्द्रमास

अमान्त: फाल्गुन

पूर्णिमान्त: चैत्र

पक्ष: कृष्ण

सौरमास

राशि: मीन

मास: फाल्गुन (गढ़वाली: फागुण ) Alpha

गति: 0 प्रविष्टे

उदय एवं अस्त समय
☉ सूर्य

उदय: 06:29 IST

अस्त: 18:25 IST

मध्य पारगमन: 12:27 IST

☽ चन्द्र

उदय: 03:31 IST

अस्त: 12:45 IST

मध्य पारगमन: 08:36 IST

संक्रांति विवरण

वर्तमान राशि: मीन

ऋतु: वसन्त

अयन: उत्तरायणे

राशि में स्थिति: 0.17° (29.83° to next)

राशि प्रवेश: Unknown

वर्तमान राशि में दिन: 0 दिन

अगली राशि: मेष

अगली संक्रांति: Unknown

मुहूर्त योगादि विवरण
दिन-रात्रि मान
दिनमान: 29.83 घटी रात्रिमान: 30.12 घटी
अग्निचक्र

🔵 केतु - अग्निचक्र केतु में होने से यज्ञादि कर्म प्राणघातक

अग्निवास
पाताल
10:51 IST(2026-03-13) - 06:29 IST(2026-03-14)
आकाश
06:29 IST(2026-03-14) - 08:11 IST
पाताल
08:11 IST(2026-03-14) - 06:29 IST(2026-03-15)
शिव वास

🎭 क्रीड़ारत - कष्टप्रद

अशुभ काल
राहुकाल: 09:28 IST - 10:57 IST गुलिककाल: 06:29 IST - 07:58 IST यमकण्टक: 13:56 IST - 15:26 IST
क्रकचादि योग
कोई योग नहीं
सर्वार्थसिद्धि योग
आरंभ: 06:29 IST on 2026-03-14
समाप्ति: 06:28 IST on 2026-03-15
रवि योग विवरणBeta
रवि योग नहीं है
अमृतसिद्धि योग
अमृतसिद्धि योग नहीं है
शुभ मुहूर्त/काल विवरण
ब्रह्ममुहूर्त
04:51 IST - 05:39 IST (48 minutes)
गोधूली वेला
06:17 IST - 06:41 IST (24 मिनट)
अभिजितमुहूर्त
12:03 IST - 12:50 IST (48 minutes)
दिन-रात्रि प्रहर
दिन:
पूर्वाह्न: 06:29 IST-09:28 IST
मध्याह्न: 09:28 IST-12:27 IST
अपराह्न: 12:27 IST-15:26 IST
सांयकाल: 15:26 IST-18:25 IST
रात्रि:
प्रदोष: 18:25 IST-21:25 IST
निशीथ: 21:25 IST-00:26 IST
त्रियामा: 00:26 IST-03:27 IST
उषा: 03:27 IST-06:28 IST
ग्रह उदय-अस्त
शुक्र:
Asta: 2026-10-18 (8.53°)
Uday: 2026-10-30 (10.47°)
बृहस्पति:
Asta: 2026-07-14 (10.82°)
Uday: 2026-08-13 (11.25°)
भद्रा विचार
मूल विवरण
नाम स्थिति: वृश्चिकी
दिन विशेष: वृश्चिकी भद्रा
पाताल में स्थिति
समय विवरण
प्रारम्भ:
19:24 IST on 2026-03-13
समाप्ति:
08:11 IST on 2026-03-14
कुल अवधि:
12:47
भद्रा अंग विचार
मुख
19:24 IST (2026-03-13) से
21:31 IST (2026-03-13) तक
2:07
कण्ठ
21:31 IST (2026-03-13) से
21:56 IST (2026-03-13) तक
0:25
हृदय
21:56 IST (2026-03-13) से
02:11 IST (2026-03-14) तक
4:15
नाभि
02:11 IST (2026-03-14) से
04:18 IST (2026-03-14) तक
2:07
कटि
04:18 IST (2026-03-14) से
06:51 IST (2026-03-14) तक
2:33 वर्तमान
पुच्छ
06:51 IST (2026-03-14) से
08:11 IST (2026-03-14) तक
1:20

ग्रह स्थिति

ग्रह स्थिति
ग्रह राशि स्थिति नक्षत्र गति वेग समय (IST) अवस्था उदय/अस्त
⌂ लग्न कुम्भ 0° 4' 57" धनिष्ठा पाद 3 - - - - -
☉ सूर्य मीन 0° 10' 10" पूर्व भाद्रपद पाद 4 मार्गी 1.0014° 06:29 IST
18:25 IST
12:27 IST
मृत उदय
☽ चन्द्र मकर 10° 8' 42" श्रवण पाद 1 मार्गी 12.5758° 03:31 IST
12:45 IST
08:36 IST
वृद्ध उदय
☿ बुध कुम्भ 16° 1' 28" शतभिषा पाद 3 🔄 वक्र गति -0.6030° 05:46 IST
17:24 IST
11:35 IST
युवा उदय
♀ शुक्र मीन 16° 22' 49" उत्तर भाद्रपद पाद 4 मार्गी 1.2455° 07:18 IST
19:38 IST
13:28 IST
युवा उदय
♂ मंगल कुम्भ 15° 32' 3" शतभिषा पाद 3 मार्गी 0.7879° 05:54 IST
17:16 IST
11:35 IST
युवा अस्त
♃ बृहस्पति मिथुन 20° 53' 9" पुनर्वसु पाद 1 मार्गी 0.0143° 12:56 IST
02:54 IST
19:55 IST
वृद्ध उदय
♄ शनि मीन 9° 12' 8" उत्तर भाद्रपद पाद 2 मार्गी 0.1248° 07:05 IST
19:06 IST
13:06 IST
वृद्ध अस्त
☊ राहु कुम्भ 14° 4' 52" शतभिषा पाद 3 🔄 वक्र गति -0.0530° - - -
☋ केतु सिंह 14° 4' 52" पूर्व फाल्गुनी पाद 1 🔄 वक्र गति -0.0530° - - -

📜 दैनिक मुहूर्त (दिन) 📜

🔢 # 📛 नाम 🕉️ प्रकार 🕰️ आरंभ ⏳ समाप्ति ⏱️ अवधि
1 रुद्र अशुभ 06:29 IST 07:16 IST 48 minutes
2 अहि अशुभ 07:16 IST 08:04 IST 48 minutes
3 मित्र शुभ 08:04 IST 08:52 IST 48 minutes
4 पितृ अशुभ 08:52 IST 09:39 IST 48 minutes
5 वसु शुभ 09:39 IST 10:27 IST 48 minutes
6 वाराह शुभ 10:27 IST 11:15 IST 48 minutes
7 विश्वदेव शुभ 11:15 IST 12:03 IST 48 minutes
8 अभिजित शुभ 12:03 IST 12:50 IST 48 minutes
9 सतमुखी अशुभ 12:50 IST 13:38 IST 48 minutes
10 पुरुहुत अशुभ 13:38 IST 14:26 IST 48 minutes
11 वाहिनी अशुभ 14:26 IST 15:14 IST 48 minutes
12 नैर्ऋति अशुभ 15:14 IST 16:01 IST 48 minutes
13 वरुण शुभ 16:01 IST 16:49 IST 48 minutes
14 अर्यमा शुभ 16:49 IST 17:37 IST 48 minutes
15 भग अशुभ 17:37 IST 18:25 IST 48 minutes

📜 दैनिक मुहूर्त (रात्रि) 📜

🔢 # 📛 नाम 🕉️ प्रकार 🕰️ आरंभ ⏳ समाप्ति ⏱️ अवधि
1 गिरीश अशुभ 18:25 IST 19:13 IST 48 minutes
2 अजपाद अशुभ 19:13 IST 20:01 IST 48 minutes
3 अहिरबुध्न्य शुभ 20:01 IST 20:49 IST 48 minutes
4 पुष्णव शुभ 20:49 IST 21:37 IST 48 minutes
5 अश्विनी शुभ 21:37 IST 22:26 IST 48 minutes
6 यम अशुभ 22:26 IST 23:14 IST 48 minutes
7 अग्नि शुभ 23:14 IST 00:02 IST 48 minutes
8 विधाता शुभ 00:02 IST 00:50 IST 48 minutes
9 कण्ड शुभ 00:50 IST 01:38 IST 48 minutes
10 अदिति शुभ 01:38 IST 02:27 IST 48 minutes
11 अमृत शुभ 02:27 IST 03:15 IST 48 minutes
12 विष्णु शुभ 03:15 IST 04:03 IST 48 minutes
13 अर्क शुभ 04:03 IST 04:51 IST 48 minutes
14 ब्रह्म शुभ 04:51 IST 05:39 IST 48 minutes
15 समुद्र शुभ 05:39 IST 06:28 IST 48 minutes

संकल्प

संकल्प

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः नमः परमात्मने पुरुषोत्तमाय ॐ तत्सत् अद्यैतस्य विष्णोराज्ञया जगत्सृष्टिकर्मणि प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणो द्वितीयपरार्द्धे श्रीश्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे तत्प्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे विष्णुप्रजापतिक्षेत्रे क्षेत्रे ....... प्रदेशान्तर्गत ....... जिलान्तर्गत ........... स्थाने बौद्धावतारे सिद्धार्थी नाम संवत्सरे 2082 विक्रमाब्दे 1947 शकाब्दे उत्तरायणे वसन्त ऋतौ फाल्गुनमासे कृष्णपक्षे मकरराशिस्थिते चन्द्रे मीनराशिस्थिते सूर्ये मिथुनराशिस्थिते देवगुरौ कुम्भराशिस्थिते भौमे कुम्भराशिस्थिते बुधे मीनराशिस्थिते शुक्रे मीनराशिस्थिते शनौ कुम्भराशिस्थिते राहौ सिंहराशिस्थिते केतौ सर्वेषु ग्रहेषु यथास्वं राशि स्थितेषु सत्सु एवं ग्रहगण विशिष्टायां शुभ पुण्यतिथौ दशम्यां तिथौ शनिवासरे श्रवण नाम नक्षत्रे वरीयान् योगे विष्टि करणे _______ गोत्रोत्पन्न _______ शर्मा/वर्मा/गुप्तोऽहं ममात्मनः सर्वारिष्टनिरसनपूर्वक सर्वपापक्षयार्थं मनसेप्सितफलप्राप्तिपूर्वक—श्रुतिस्मृतिपुराणोक्तफलप्राप्त्यर्थं दीर्घायुरारोग्यैश्वर्यादिवृद्ध्यर्थं श्रीसाम्बसदाशिवप्रीत्यर्थञ्च लिङ्गोपरि यथोपचारैः श्रीसाम्बसदाशिवपूजनपूर्वकं जलधारया षडङ्गरुद्रेण/रुद्रैकादशिन्या/लघुरुद्रेण रुद्राभिषेकं _______ गोत्रोत्पन्न _______ शर्मणा ब्राह्मणद्वारा कारयिष्ये वा स्वयं कर रहे हों तो अहं ​करिष्ये कहकर हाथका सङ्कल्पजल आदि छोड़ दे।

पुनः हाथमें जल, अक्षत, पुष्प तथा कुश लेकर बोले- तदङ्गत्वेन कार्यस्य निर्विघ्नतया सिद्धयर्थं श्रीसिद्धलक्ष्मीसहितमहागणपतिदेवता प्रीत्यर्थञ्च आदौ श्रीसिद्धलक्ष्मीसहित महागणपतिदेवताया: पूजनं करिष्ये, कहकर हाथका जल आदि छोड़ दे।